नई दिल्ली। नई दिल्ली के पालम इलाके में मंगलवार को लगी भीषण आग ने एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया। साधनगर स्थित एक बहुमंजिला इमारत में लगी इस आग में एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इस हादसे की सबसे मार्मिक तस्वीर मां-बेटी के रिश्ते की सामने आई, जहां 70 वर्षीय लाडो कश्यप को बचाने के लिए उनकी बेटी हिमांशी आखिरी सांस तक उनके साथ रही।
पालम स्थित साधनगर में मंगलवार को लगी भीषण आग ने एक ही परिवार के 9 लोगों की जान ले ली। हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उनका इलाज जारी है। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। जानकारी के अनुसार, आग बहुमंजिला इमारत में अचानक भड़क उठी और देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में कश्यप परिवार पूरी तरह तबाह हो गया। हादसे की सबसे मार्मिक घटना मां-बेटी के रिश्ते से जुड़ी सामने आई। 70 वर्षीय लाडो कश्यप को बचाने के लिए उनकी बेटी हिमांशी आखिरी समय तक उनके साथ रही। बताया जा रहा है कि आग तेजी से फैल रही थी, लेकिन हिमांशी ने अपनी मां को छोड़कर बाहर निकलने से इनकार कर दिया। दोनों ने बचने के लिए बाथरूम में शरण ली, लेकिन आग की चपेट में आकर जिंदा जल गईं। बाद में दोनों के शव एक साथ बरामद हुए।
हादसे में लाडो कश्यप, हिमांशी, कमल, प्रवेश, आशु, उनके तीन बच्चे और दीपिका की मौत हो गई। वहीं अनिल और सचिन ने जान बचाने के लिए नीचे छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाइड्रोलिक लैडर समय पर काम नहीं कर सका, जिससे बचाव कार्य में देरी हुई। इस मामले की न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है







