नवरात्रि 2026: चैत्र नवरात्रि 2026 में आज छठा दिन है, जो माता कात्यायनी को समर्पित माना जाता है। इस दिन भक्त विशेष पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि व्रत का समापन “पारण” के जरिए होता है, जिसे विधि-विधान से करना बेहद जरूरी माना गया है। सही तरीके से पारण करने पर व्रत का पूर्ण फल मिलता है।
चैत्र नवरात्रि 2026 का आज छठा दिन है, जो माता कात्यायनी की पूजा को समर्पित है। इस दिन भक्त विशेष पूजा-अर्चना कर मां का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि व्रत का समापन “पारण” से होता है, जिसे विधि-विधान के साथ करना आवश्यक माना गया है।
मान्यता है कि सही तरीके से पारण करने पर व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। द्रिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष व्रत पारण के लिए दो तिथियां निर्धारित हैं। अष्टमी-नवमी पर व्रत रखने वाले श्रद्धालु 26 मार्च 2026 को कन्या पूजन के बाद व्रत खोल सकते हैं। वहीं दशमी के दिन व्रत खोलने वाले 27 मार्च 2026 को सुबह 10:08 बजे के बाद पारण कर सकते हैं। पारण की प्रक्रिया में सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर माता दुर्गा की पूजा की जाती है। इसके बाद हवन और कन्या पूजन का विशेष महत्व है।
कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है और उन्हें हलवा, पूरी व काले चने का प्रसाद खिलाया जाता है। अंत में कन्याओं को दान-दक्षिणा देकर विदा किया जाता है और फिर भक्त स्वयं प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि विधि-विधान से किया गया पारण सुख-समृद्धि और माता की कृपा दिलाता है।







