सिंगरौली। जिले में रजिस्ट्री लेखन के नाम पर तय शुल्क से कई गुना अधिक राशि वसूलने के मामले में एक रजिस्ट्री लेखक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने जांच के बाद उसका लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिया है। अब वह सेवा प्रदाता के रूप में स्टांप रजिस्ट्री लिखने का कार्य नहीं कर सकेगा।
जानकारी के अनुसार देवसर निवासी मिश्रीलाल गुप्ता ने लगभग चार माह पहले कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और पंजीयन कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि रजिस्ट्री लेखक आलोक ने रजिस्ट्री लेखन के लिए तय शुल्क से कहीं अधिक रकम वसूल ली।
पीड़ित के अनुसार 29 सितंबर को उन्होंने देवसर में रजिस्ट्री लेखन का कार्य कराया था। इस दौरान आवश्यक शुल्क और लेखन फीस के नाम पर उनसे कुल 1 लाख 51 हजार 900 रुपये लिए गए। उन्होंने बताया कि 23 और 24 सितंबर को 1 लाख 16 हजार 900 रुपये डिजिटल माध्यम से तथा 35 हजार रुपये नकद लिए गए। बाद में जब उन्होंने रजिस्ट्री में अंकित लेखन शुल्क देखा तो वह मात्र 1120 रुपये पाया गया। जांच करने पर पता चला कि उनसे करीब 1 लाख 40 हजार रुपये अधिक वसूल लिए गए हैं। पीड़ित का आरोप है कि इतनी राशि लेने के बाद भी रजिस्ट्री लेखक लगातार 15 हजार रुपये और मांग रहा था।
शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। करीब चार माह तक चली जांच के बाद आरोप सही पाए जाने पर रजिस्ट्री लेखक का लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिया गया। जिला पंजीयक ने बताया कि दो दिन पहले यह कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान कोई अतिरिक्त राशि मांगता है या किसी प्रकार की अनियमितता की आशंका होती है, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।







