best news portal development company in india

मैहर माता मंदिर का रहस्य: बंद कपाटों के बाद भी रात में गूंजती हैं घंटियां।

SHARE:

मैहर। जिले में स्थित मैहर माता मंदिर न केवल आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि अपने रहस्यमयी घटनाओं के कारण भी देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। विंध्य पर्वतमाला की त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर को मां शारदा धाम के नाम से भी जाना जाता है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को करीब 1063 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, हालांकि रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है। खासतौर पर चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ता है।

जिले में स्थित मैहर माता मंदिर अपनी आस्था के साथ-साथ रहस्यमयी घटनाओं के कारण भी चर्चा में बना हुआ है। विंध्य पर्वतमाला की त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित यह प्रसिद्ध धाम मां शारदा के नाम से जाना जाता है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

मंदिर से जुड़ा सबसे बड़ा रहस्य रात के समय अपने आप बजने वाली घंटियां हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर के कपाट बंद होने के बाद भी अंदर से घंटियों की आवाज सुनाई देती है, जबकि उस समय मंदिर में कोई मौजूद नहीं होता। यह घटना वर्षों से लोगों के बीच कौतूहल का विषय बनी हुई है।

श्रद्धालु इस घटना को देवी की दिव्य उपस्थिति से जोड़ते हैं। उनका मानना है कि रात में मां शारदा स्वयं मंदिर में विराजमान होकर पूजा करती हैं, जिसके चलते घंटियां बजती हैं। हालांकि, इस रहस्य का कोई वैज्ञानिक कारण अभी तक सामने नहीं आया है।

मंदिर का संबंध लोकगाथाओं के वीर योद्धा आल्हा-ऊदल से भी जोड़ा जाता है। मान्यता है कि आल्हा आज भी ब्रह्म मुहूर्त में यहां पहुंचकर सबसे पहले पूजा करते हैं। कई लोगों का दावा है कि सुबह मंदिर खुलने पर ताजे फूल और पूजा के संकेत मिलते हैं। करीब 1063 सीढ़ियों की चढ़ाई या रोपवे के जरिए पहुंचने वाले इस मंदिर में विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है। मां शारदा को विद्या और बुद्धि की देवी सरस्वती का स्वरूप माना जाता है, इसलिए छात्र-छात्राएं भी बड़ी संख्या में यहां दर्शन करने आते हैं।

Leave a Comment