best news portal development company in india

नगर निगम आयुक्त का सख्त निर्देश, सभी आवासीय और व्यावसायिक भवनों में लगाई जाए रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली

SHARE:

सिंगरौली। नगर पालिक निगम सिंगरौली की आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान ने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों में तेजी लाने और पूर्व में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में सीएम हेल्पलाइन, राजस्व वसूली, जल संरक्षण, स्वच्छता व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

नगर पालिक निगम सिंगरौली की आयुक्त श्रीमती सविता प्रधान ने विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में सीएम हेल्पलाइन, राजस्व वसूली, जल संरक्षण, स्वच्छता व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयुक्त ने सीएम हेल्पलाइन की 50 और 100 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के शीघ्र निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग उपायुक्त और कार्यपालन यंत्री द्वारा की जाएगी। उन्होंने राजस्व वसूली में तेजी लाने के लिए प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करने तथा वार्ड प्रभारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जल संरक्षण को लेकर विशेष जोर दिया गया।

श्रीमती प्रधान ने नगर निगम क्षेत्र के सभी आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों में शत-प्रतिशत रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही निगम कार्यालय परिसर में आगंतुकों की सुविधा के लिए दो महिला और दो पुरुष शौचालयों के निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों को पोर्टल पर दर्ज करने, स्वच्छता सर्वेक्षण के कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा सभी सफाई कर्मियों के लिए निर्धारित यूनिफॉर्म अनिवार्य करने के निर्देश दिए। इसके अलावा आधुनिक गौशाला निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने को भी कहा गया। जल प्रदाय व्यवस्था की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने वार्ड इंजीनियरों को ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में उपलब्ध वैकल्पिक जल स्रोतों की जांच कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि नागरिकों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।

Leave a Comment