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सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर सख्त हुए सीईओ, एक सप्ताह में 60 फीसदी निराकरण के निर्देश सब हेडिंग:

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सिंगरौली। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जगदीश गोमे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समय-सीमा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनहित से जुड़े विभिन्न विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जगदीश गोमे ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समय-सीमा समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सीएम हेल्पलाइन, राजस्व प्रकरण, पेयजल व्यवस्था, जल संरक्षण अभियान और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सीईओ ने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि 50 दिवस एवं 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों का आगामी सप्ताह तक कम से कम 60 प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत जाति प्रमाण पत्र से जुड़े लंबित मामलों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए। वहीं जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बलराम तालाब सहित स्वीकृत सभी जल संरचनाओं के निर्माण कार्यों को निर्धारित समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया। ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट को देखते हुए सीईओ ने तत्काल कंट्रोल रूम स्थापित करने तथा प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति और शिकायतों के समाधान का भौतिक सत्यापन संबंधित एसडीएम एवं जनपद पंचायत के सीईओ द्वारा किया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री संबल योजना एवं श्रमयोगी मानधन योजना के पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और गौ-सेवकों को भी योजनाओं से लाभान्वित करने पर जोर दिया गया। वनाधिकार पट्टों से संबंधित दावों की समीक्षा करते हुए अन्य वर्गों के दावों की सूक्ष्म जांच कर अपात्र दावों के निरस्तीकरण की कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। वहीं रबी विपणन वर्ष के तहत उपार्जित गेहूं के शत-प्रतिशत परिवहन और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सीईओ ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के लिए चलित खाद्य प्रयोगशाला के प्रभावी उपयोग तथा जिले में विस्फोटक सामग्री के भंडारण और क्रय-विक्रय की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग निर्धारित समय-सीमा में अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

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