सिंगरौली। थाना बरगवां क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हत्या कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। प्रेम प्रसंग को लेकर हुए विवाद में युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार संदीप यादव (20 वर्ष) निवासी चिहनगांव थाना बरगवां का ग्राम पोखरा निवासी पूजा पनिक्का के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था और दोनों आपस में बातचीत करते थे। बताया जा रहा है कि संदीप कई बार पूजा के बुलाने पर उसके घर भी जाता था।
इसी बीच पूजा पनिक्का का विवाह जिला सोनभद्र (ओबरा) में तय हो गया। जब संदीप को इसकी जानकारी हुई तो उसने इसका विरोध करना शुरू कर दिया और पूजा पर खुद से शादी करने का दबाव बनाने लगा। इससे परेशान होकर पूजा पनिक्का ने पूरी बात अपनी मां मुन्नी देवी, भाई मेला सागर पनिक्का और चाचा भोला नाथ पनिक्का को बता दी। इसके बाद चारों ने मिलकर संदीप को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। योजना के तहत 27 फरवरी 2026 को पूजा ने संदीप को मिलने के लिए घर बुलाया। जब संदीप वहां पहुंचा तो चारों आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह शादी की जिद पर अड़ा रहा तो उसे डराने के लिए पहले बिजली का करंट लगाया गया और फिर लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की गई। इसके बाद गुस्से में आकर भोला नाथ पनिक्का ने कुल्हाड़ी से संदीप का बायां पैर काट दिया। लगातार मारपीट से संदीप बेहोश हो गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे मृत समझकर घर से कुछ दूरी पर खेत में फेंक दिया और उसके कपड़े भी जला दिए ताकि लोगों को लगे कि उसकी मौत बिजली के करंट से हुई है। सुबह ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी हुई तो संदीप को इलाज के लिए ट्रामा सेंटर बैढ़न ले जाया गया, जहां से उसे जबलपुर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में जांच करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में —
भोला नाथ पनिक्का (39 वर्ष)
मेला सागर पनिक्का (19 वर्ष)
पूजा पनिक्का (20 वर्ष)
मुन्नी देवी पनिक्का (40 वर्ष)
सभी निवासी ग्राम पोखरा थाना बरगवां जिला सिंगरौली हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त लाठी, कुल्हाड़ी, बिजली का तार और मोबाइल भी बरामद किए हैं। चारों आरोपियों को 7 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला जेल पचौर भेज दिया गया।
इस पूरे मामले की जांच में पुलिस अधिकारियों और टीम की सराहनीय भूमिका रही, जिन्हें पुलिस अधीक्षक द्वारा 10 हजार रुपये के नगद इनाम से पुरस्कृत किया जाएगा।







