चित्रकूट। चित्रकूट में एक जघन्य बाल यौन शोषण मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने निलंबित जूनियर इंजीनियर (जेई) रामभवन कुशवाहा और उसकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने इस मामले को समाज और मानवता के लिए अत्यंत गंभीर बताया। 34 मासूम बच्चों के यौन शोषण और उनके अश्लील वीडियो व तस्वीरों को डार्क वेब के माध्यम से विदेशों में बेचने का यह मामला सामने आया। कोर्ट ने दोषियों को दोषी मानते हुए उन्हें अर्थदंड भी लगाया – रामभवन पर 6.45 लाख रुपये और दुर्गावती पर 5.40 लाख रुपये। साथ ही, यूपी सरकार को निर्देश दिया गया कि पीड़ित बच्चों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। आरोपियों के घर से 10 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, छह मेमोरी कार्ड, छह पेन ड्राइव, डिजिटल रिकॉर्डिंग कैमरा और भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई।
चित्रकूट में बच्चों के यौन शोषण और डार्क वेब पर उनके अश्लील वीडियो बेचने के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन कुशवाहा और उसकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि यह अपराध न केवल बच्चों का बचपन बर्बाद करता है, बल्कि समाज की नैतिकता को भी झकझोरता है। आरोपियों के घर से 34 वीडियो, 679 तस्वीरें, मोबाइल, लैपटॉप और भारी नकदी बरामद हुई। अदालत ने यूपी सरकार को निर्देश दिया कि पीड़ित बच्चों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। कोर्ट ने दोषियों को दोषी मानते हुए उन्हें अर्थदंड भी लगाया – रामभवन पर 6.45 लाख रुपये और दुर्गावती पर 5.40 लाख रुपये। साथ ही, यूपी सरकार को निर्देश दिया गया कि पीड़ित बच्चों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। आरोपियों के घर से 10 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, छह मेमोरी कार्ड, छह पेन ड्राइव, डिजिटल रिकॉर्डिंग कैमरा और भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई। इस मामले की जांच सीबीआई ने इंटरपोल से प्राप्त शिकायत के आधार पर पांच वर्षों तक की। जांच में 34 बच्चों के शोषण का खुलासा हुआ, जिसमें पीड़ितों की उम्र तीन से 18 वर्ष के बीच थी। आरोपी दंपती ने बच्चों को खिलौने, खाने-पीने की वस्तुओं और भरोसे में लेकर उनका यौन शोषण किया और इसका वीडियो बनाया। आरोपी यह सामग्री रूस, अमेरिका, लंदन, ऑस्ट्रेलिया समेत करीब 12 देशों में भेजते थे। कोर्ट ने कहा कि ऐसे अपराध केवल पीड़ित बच्चों का जीवन ही नहीं बर्बाद करते, बल्कि समाज की नैतिक नींव को भी हिला देते हैं। न्यायालय ने चेताया कि नरमी बरती गई तो यह समाज के लिए खतरनाक संदेश होगा।







