नेशनल डेस्क। 3 जुलाई से शुरू होने जा रही अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है। यह पवित्र यात्रा 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक चलेगी। यात्रा का शुभारंभ परंपरागत प्रथम पूजा के साथ हो चुका है और अब लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना होने की तैयारी में हैं। हालांकि, यह यात्रा आस्था के साथ-साथ धैर्य और सावधानी की भी परीक्षा है। ऊंचाई, कम ऑक्सीजन और पल-पल बदलते मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं को पूरी तैयारी के साथ यात्रा पर निकलने की सलाह दी गई है।
देश की सबसे पवित्र तीर्थ यात्राओं में शामिल अमरनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ 3 जुलाई से होगा, जो 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक चलेगी। यात्रा से पहले ज्येष्ठ पूर्णिमा पर प्रथम पूजा के साथ बाबा बर्फानी की पवित्र यात्रा का विधिवत आगाज किया गया। हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन ऊंचाई, कम ऑक्सीजन और बदलते मौसम के कारण यह यात्रा चुनौतीपूर्ण होती है। ऐसे में श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े, रेनकोट, जरूरी दवाइयां, फर्स्ट एड किट, पानी की बोतल, सूखे मेवे, पावर बैंक और टॉर्च जैसे जरूरी सामान साथ रखने की सलाह दी गई है। यात्रा के लिए यात्रा पंजीकरण प्रमाणपत्र (Yatra Registration Slip), कंपलसरी हेल्थ सर्टिफिकेट (CHC) और वैध फोटो पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा के दौरान जल्दबाजी न करें, पर्याप्त आराम करें, शरीर को हाइड्रेट रखें और किसी भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी मेडिकल कैंप से संपर्क करें।







