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जेल में बंद तहसीलदार अमिता तोमर सस्पेंड।

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श्योपुर। जिले में बहुचर्चित बाढ़ राहत घोटाले के मामले में प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए जेल में बंद तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सस्पेंड कर दिया है। चंबल संभागायुक्त ने श्योपुर कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर यह आदेश जारी किया।

जिले में सामने आए बाढ़ राहत घोटाले के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए आरोपी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को निलंबित कर दिया है। चंबल संभागायुक्त ने श्योपुर कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को अमिता तोमर की जमानत याचिका पर कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन इसे फिलहाल आगे बढ़ा दिया गया है। यह पूरा मामला साल 2021 में आई भीषण बाढ़ के दौरान राहत राशि के वितरण से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि करीब 2.5 करोड़ रुपये की राहत राशि में गड़बड़ी की गई और यह रकम असली पीड़ितों की बजाय अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी गई। जांच के दौरान बड़ौदा तहसील की तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर सहित 28 पटवारियों को इस घोटाले में दोषी पाया गया, जिसके बाद सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। गिरफ्तारी से बचने के लिए अमिता तोमर ने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक राहत की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। कुछ समय तक फरार रहने के बाद पुलिस ने उन्हें ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के अनुसार, 26 मार्च 2026 को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। तब से वे जेल में ही बंद हैं।

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