लखीमपुर खीरी। दुधवा के जंगलों से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। दक्षिणी वन प्रभाग में गंभीर रूप से घायल एक बाघ ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही लखीमपुर खीरी में एक सप्ताह के भीतर बाघ की दूसरी और वर्ष 2026 की चौथी मौत दर्ज हो गई है।
वन विभाग के अनुसार सोमवार शाम उदयपुरा गांव में मवेशी चरा रहे 55 वर्षीय काली चरण पर बाघ ने हमला कर दिया था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान चलाया। हमले वाली जगह से करीब 100 मीटर दूर बाघ गंभीर रूप से घायल हालत में मिला। बाघ की जान बचाने के लिए कानपुर चिड़ियाघर से वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. नासिर को बुलाया गया, लेकिन तमाम कोशिशें नाकाम रहीं और देर रात उसकी मौत हो गई। वहीं, हमले में घायल काली चरण का लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। बाघ के शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई, बरेली भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी। लगातार हो रही बाघों की मौतों ने दुधवा के जंगलों में वन्यजीव संरक्षण को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। अप्रैल में ट्रेन की चपेट में आने से एक बाघिन की मौत, मई में आपसी संघर्ष में दूसरी बाघिन की जान और जून में ट्रैंक्विलाइज किए जाने के बाद एक अन्य बाघिन की मौत के बाद अब यह चौथा मामला वन विभाग के सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है।







