सिंगरौली। जिले में नीली क्रांति को गति देने और मत्स्य पालकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
कलेक्टर गौरव बैनल की पहल पर जल संसाधन विभाग और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। स समझौते के तहत सीएसआर फंड से जिले में एक आधुनिक मत्स्य बीज उत्पादन (हैचरी) इकाई स्थापित की जाएगी। यह परियोजना कृषि विज्ञान केंद्र, सिंगरौली परिसर में विकसित की जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत करीब 67.57 लाख रुपये है। हैचरी यूनिट में ब्रीडर पॉन्ड, स्पानिंग पूल, नर्सरी और उन्नत वाटर सिस्टम के जरिए उच्च गुणवत्ता के मत्स्य बीज का उत्पादन किया जाएगा। इस परियोजना को एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल से स्थानीय मत्स्य पालकों को आसानी से गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध होगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और जिले में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।







