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तमिल सिनेमा के युगपुरुष भारतीराजा नहीं रहे, 85 वर्ष की उम्र में निधन।

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नेशनल डेस्क। भारतीय सिनेमा को ग्रामीण परिवेश और आम लोगों की कहानियों से नई पहचान दिलाने वाले दिग्गज फिल्म निर्देशक भारतीराजा का बुधवार को 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। चेन्नई में कार्डियक अरेस्ट आने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से तमिल फिल्म इंडस्ट्री समेत पूरे भारतीय सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के अनुसार, भारतीराजा लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। पिछले कुछ महीनों से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी और उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती भी कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी के बावजूद उनकी सेहत में सुधार नहीं हो सका और बुधवार सुबह उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। वर्ष 2024 में उनके बेटे और अभिनेता मनोज भारतीराजा के निधन ने उन्हें गहरा सदमा पहुंचाया था। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, बेटे को खोने के बाद वे मानसिक रूप से काफी टूट गए थे और उनकी सेहत लगातार गिरती चली गई। भारतीराजा के निधन पर फिल्म जगत की कई हस्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। अभिनेत्री और राजनेता खुशबू सुंदर ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि भारतीराजा की फिल्में आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी। उन्होंने उन्हें भारतीय सिनेमा का एक अमूल्य स्तंभ बताया। भारतीराजा को तमिल सिनेमा में ग्रामीण जीवन को यथार्थ रूप में प्रस्तुत करने वाले फिल्मकार के रूप में जाना जाता है। उन्होंने वर्ष 1977 में फिल्म 16 वयाथिनिले से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद चार दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने 40 से ज्यादा फिल्मों का निर्देशन किया और अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी फिल्मों ने गांव, खेत-खलिहान, रिश्तों और आम जनजीवन की कहानियों को बड़े पर्दे पर जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। यही वजह रही कि उनकी रचनाएं दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए बस गईं। भारतीराजा का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। भले ही वे आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में, उनकी सोच और उनकी रचनात्मक विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

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