हेल्थ डेस्क। गर्मियों का बढ़ता तापमान महिलाओं की पीरियड्स हेल्थ पर भी असर डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज धूप, अत्यधिक पसीना और शरीर में पानी की कमी कई महिलाओं में मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकती है। यही वजह है कि गर्मियों में कुछ महिलाओं को पीरियड्स अनियमित होने, ज्यादा दर्द, हैवी ब्लीडिंग और कमजोरी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
डिहाइड्रेशन के कारण शरीर का हार्मोनल संतुलन प्रभावित हो सकता है, जिससे पीरियड्स समय से पहले या देरी से आ सकते हैं। इसके अलावा पेट दर्द, ऐंठन, पेट फूलना, कमजोरी, थकान और मूड स्विंग जैसी समस्याएं भी अधिक महसूस हो सकती हैं। गर्मी के मौसम में पर्याप्त नींद न लेना, कम पानी पीना और असंतुलित खानपान भी मासिक धर्म पर असर डाल सकता है। खासकर उन महिलाओं को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है जो पीसीओएस, थायरॉइड या अन्य हार्मोनल समस्याओं से जूझ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि गर्मियों में भरपूर पानी पिएं, नारियल पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें तथा तरबूज, खीरा और खरबूजा जैसे पानी से भरपूर फलों को आहार में शामिल करें। साथ ही हल्की एक्सरसाइज, पर्याप्त आराम और संतुलित भोजन भी जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि पीरियड्स के दौरान अत्यधिक दर्द, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग, लगातार कमजोरी या बार-बार चक्कर आने जैसी समस्याएं हों तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय रहते जांच और उपचार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकता है। गर्मी के मौसम में थोड़ी सी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर महिलाएं पीरियड्स से जुड़ी परेशानियों को काफी हद तक नियंत्रित कर सकती हैं।







