सिंगरौली। ग्राम जीर की महिलाओं की आवाज अब उनके सपनों को उड़ान देने जा रही है। जन चौपाल में महिलाओं द्वारा बकरी पालन, मुर्गी पालन और सिलाई प्रशिक्षण की मांग रखे जाने के बाद जिला प्रशासन ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल की है।
कलेक्टर गौरव बैनल और जिला पंचायत सीईओ जगदीश कुमार गोमे के निर्देश पर महिलाओं को आरसेटी और मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। खास बात यह है कि प्रशिक्षण के बाद उन्हें स्वरोजगार शुरू करने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक वित्तीय सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि ग्रामीण महिलाएं यदि कौशल और संसाधनों से जुड़ेंगी तो वे केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं संभालेंगी, बल्कि आर्थिक विकास की मजबूत भागीदार भी बनेंगी। यही वजह है कि इस पहल को महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जन चौपाल में उठी एक मांग अब कई महिलाओं के लिए रोजगार, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखने की तैयारी में है। आने वाले समय में जीर की महिलाएं नौकरी तलाशने वाली नहीं, बल्कि खुद रोजगार सृजित करने वाली उद्यमी के रूप में पहचान बना सकती हैं।






