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बाढ़ में फंसी मां ने 12 घंटे तक पेड़ पर बैठकर बचाई इकलौते बेटे की जान

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सिवसागर। नागालैंड में हुई मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ ने असम के सिवसागर जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। इस बीच एक मां के साहस और ममता की ऐसी मिसाल सामने आई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। बाढ़ के पानी से घिरने पर रेखामोनी गोगोई अपने इकलौते बेटे को सीने से लगाकर एक पेड़ पर चढ़ गईं और करीब 12 घंटे तक भूखी-प्यासी वहीं बैठी रहीं।

असम के सिवसागर जिले में बाढ़ के बीच एक मां की ममता और साहस की अनोखी मिसाल देखने को मिली। नागालैंड में हुई मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ में फंसने पर रेखामोनी गोगोई अपने इकलौते बेटे को सीने से लगाकर एक पेड़ पर चढ़ गईं और करीब 12 घंटे तक भूखी-प्यासी वहीं बैठी रहीं। चारों ओर पानी और अंधेरा होने के कारण मां-बेटे के पास बचने का कोई रास्ता नहीं था। पूरी रात दोनों पेड़ की शाखा पर डटे रहे। इस दौरान भूख से परेशान बेटे ने मां से कहा, “मां, पत्ते खा लेंगे… बस आप मेरे साथ रहो।” बेटे की यह बात सुनकर भी मां ने हिम्मत नहीं हारी और उसे सुरक्षित रखने का हरसंभव प्रयास करती रहीं। बताया जाता है कि रेखामोनी को शादी के 12 साल बाद संतान सुख मिला था। करीब 12 घंटे बाद सुबह एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने मौके पर पहुंचकर मां-बेटे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह घटना बाढ़ की त्रासदी के बीच मां के साहस, त्याग और ममता की प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।

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