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मत्स्य उत्पादन बढ़ाने पर प्रशासन का फोकस, समितियों को मिलेगा तकनीकी और वित्तीय सहयोग

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सिंगरौली। जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और मछुआ समितियों की आय में वृद्धि के लिए प्रशासन ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी उद्देश्य से कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मछुआ कल्याण समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभागीय योजनाओं और मत्स्य विकास कार्यों की समीक्षा की गई।

जिले में मत्स्य उत्पादन और मछुआ समितियों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में मछुआ कल्याण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना, मत्स्य संपदा योजना एवं केज कल्चर परियोजनाओं का लाभ अधिक से अधिक मछुआरों तक पहुंचाया जाए। साथ ही समितियों को केसीसी कार्ड उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। बैठक में तालाबों के गहरीकरण, मरम्मत, अतिक्रमण हटाने और जल गुणवत्ता की जांच कराने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने मत्स्य पालन के लिए चिन्हित जलाशयों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा लंबित पट्टा प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। मछली बीज की उपलब्धता को लेकर उठी समस्याओं पर कलेक्टर ने बताया कि जिले में सीएसआर मद से 17 लाख रुपये की लागत से हैचरी का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर मछली बीज आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मछुआ समितियों को बायोपॉन्ड निर्माण और तालाबों की सफाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में कलेक्टर ने बेहतर कार्य करने वाली समितियों को अन्य राज्यों के अध्ययन भ्रमण पर भेजने की घोषणा करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर जिले में मत्स्य उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।

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