उज्जैन। जिले के नजरपुर क्षेत्र में एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आत्महत्या करने जा रहे दंपति को सुरक्षित बचा लिया गया।
जानकारी के मुताबिक, नजरपुर निवासी आसिफ पटेल और उनकी पत्नी रीना पटेल लंबे समय से घरेलू तनाव से जूझ रहे थे। इसी मानसिक दबाव में आकर दोनों ने आत्महत्या करने का फैसला कर लिया। घटना से पहले आसिफ ने व्हाट्सएप पर स्टेटस लगाकर अपनी परेशानी जाहिर की, जिसने पूरे मामले का रुख बदल दिया। स्टेटस की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी करण खोवाल ने तुरंत टीम को मौके पर रवाना किया। जब पुलिस घर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की से देखने पर दोनों फांसी के फंदे पर लटके नजर आए। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने सूझबूझ दिखाई। बाहर से बातचीत कर उनका ध्यान भटकाया गया, वहीं दूसरी टीम ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और तुरंत दोनों को नीचे उतार लिया। उस समय दोनों की सांसें चल रही थीं। पुलिस ने बिना देर किए दोनों को शासकीय अस्पताल घट्टिया पहुंचाया, जहां इलाज के बाद अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस घटना में पुलिस की तत्परता और समझदारी ने दो जिंदगियां बचा लीं—और एक बार फिर साबित किया कि सही समय पर उठाया गया कदम कितना अहम होता है।







