उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन अब जल्द ही एक नई पहचान हासिल करने जा रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दशहरा मैदान में वन मेले का शुभारंभ करते हुए घोषणा की कि महाकाल की नगरी को पहला आयुर्वेदिक एम्स मिलेगा। सीएम मोहन यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से उज्जैन में यह एम्स स्थापित किया जाएगा। यह संस्थान न केवल शहर को नई पहचान देगा बल्कि इसे आयुर्वेद हब के रूप में भी विकसित करेगा।
उज्जैन में धार्मिक महत्व के साथ अब स्वास्थ्य और शोध की दुनिया में भी कदम रखा जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दशहरा मैदान में आयोजित वन मेले के अवसर पर ऐलान किया कि उज्जैन को पहला आयुर्वेदिक एम्स मिलेगा। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से शहर को यह बड़ा स्वास्थ्य संस्थान मिलेगा, जो उज्जैन को सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि आयुर्वेद हब के रूप में भी स्थापित करेगा। केंद्रीय बजट में देश में तीन आयुर्वेदिक एम्स खोलने की घोषणा हुई थी, और उज्जैन उन्हीं में शामिल है। सीएम ने कहा, “समुद्र मंथन में निकले रत्नों में भगवान धन्वंतरि भी हैं, ऐसे में उज्जैन इससे अछूता कैसे रह सकता है।” इसके साथ ही उज्जैन के विकास को भी नई गति दी जा रही है। शहर में 4 लेन और 6 लेन सड़कें, नए पुल और अन्य महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना से न केवल मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज मिलेगा, बल्कि शोध एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी उज्जैन देशभर में एक केंद्र के रूप में उभरेगा। महाकाल की नगरी अब विकास और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी चमकने जा रही है।







